सोसायटी जबरजस्ती धर्म परिवर्तन करने वाले असामाजिक तत्वों का सख्त विरोध करती है ।

सेवा में,                                                                                             02/01/2021

मुख्य सम्पादक,

शशि शेखर,

हिन्दुस्तान,

कस्तूरबा गांधी मार्ग,

नई दिल्ली, 110001

सादर नमस्ते,

विषय :- सोसायटी जबरजस्ती धर्म परिवर्तन करने वाले असामाजिक तत्वों का सख्त विरोध करती है । इस लेख को वेव पोर्टल में जगह दे ।

2 जनवरी 2021 हिन्दुस्तान वेव पोर्टल में ख़बर है कि “तमंचे के दम पर धर्मांतरण की कोशिश” जिसकी लिंक भी भेज रहा हूँ https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/story-love-jihad-attempt-of-conversion-on-gun-point-criminals-displayed-weapons-in-front-of-girl-student-after-she-complained-in-barely-3719731.html

समाज मे ऐसे असामाजिक तत्व जो जबरजस्ती धर्म परिवर्तन कर रहे है । ऐसे लोगों के प्रति सख्त कार्यवाही होनी चाहिये । हमारी सोसायटी देश को एक करने के लिए कार्य कर रही है कि

अंतरजातीय विवाह, अन्तरक्षेत्रीय विवाह और अंतर धर्मो में विवाह होना चाहिये । बिना धर्म बदले भी विवाह हो सकता है जो जिस धर्म को मानता है उसका पालन करे ।

सोसायटी ऐसे असंवेदनशील, असामाजिक तत्व घृणा फैलाने वाले और जबरजस्ती विवाह के नाम पर धर्म परिवर्तन करने वालो का सख्ती से विरोध करती है, वह कोई भी किसी भी धर्म का पालन करता हो ।

लव जिहाद की चर्चा  लगातार होती है । सोसायटी इससे सम्बन्धित सभी विषयों पर काम करती है ।

सोसायटी इस विषय पर कार्य कर रही है कि इन सबका हल क्या हो जिससे सब कुछ ठीक हो जाये । कब तक ये सब चलता रहेगा ।

सोसायटी के पास इन सबका हल है । कृपया हमारी इन बातों को जो हम कह रहे है । उस पर ध्यान दे ।

हम आपका ध्यान इस अंतरजातीय विवाह एक्ट के बारे में ले जाना चाहते है । जिसके बारे में कुछ ही लोग जानते है । सामान्य जनता को इसका पता ही नही है । भारत सरकार द्वारा कानून “प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स एक्ट 1955” में अंतरजातीय विवाह के लिये एक एक्ट आया था । आज लगभग 64 साल होने को है । लेकिन इस एक्ट के बारे में समाज मे जागरूकता बहुत कम है । सोसायटी आग्रह करती है कि इस एक्ट को अपने राज्य उत्तर प्रदेश में जागरूकता फैलाने में मदद करे। जिससे इस एक्ट का लोग अधिक से अधिक लाभ उठा पाये । सभी राज्यो में इसका अलग अलग पैमाना है । सोसायटी का सबसे बड़ा मुख्य पहलू है कि आपस में अंतरजातीय विवाह तो होना ही चाहिए, जो एक्ट कहता है लेकिन इसके अलावा अन्तरक्षेत्रीय विवाह व अंतर धर्मो में विवाह हो इस पर भी आगे बढ़कर कार्य कर रही है । हम सभी अंदर से एक ही है । अब प्रश्न उठता है कि जाति, क्षेत्र, धर्म की जो रेखाएं हमारे बीच खींच दी है । उससे बाहर आना चाहिए ।  हम वर्तमान में कोई ऐसी कड़ी योजना बनाये जिससे देश व पूरी मानवजाति एक ही छत के नीचे हो । कोई भी आपस मे मतभेद न हो और  सोसायटी को लगता है कि आपस मे अंतरजातीय, अन्तरक्षेत्रीय, अन्तरधर्मो में विवाह ही भाईचारा को ला सकता है ।

आशा है कि आप अपने पोर्टल में हमारे इस लेख को जगह देंगे जिससे समाज एक होने में मदद मिले ।

धन्यवाद

taken action

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