क्या देश को एक करने के लिए ये ठीक है । कितने धर्म बनाओगे । कब तक धर्म बनाओगे । अभी क्या जाति, धर्म कम है । सब अपनी अपनी अलग रेखा बना रहे है

सेवा में,                                                                                             21/11/2020

सम्मानीय हेमन्त सोरेन,

मुख्यमंत्री,

झारखंड

सादर नमस्ते,

18 नबम्बर 2020 बीबीसी न्यूज पोर्टल में खबर छपी है कि – क्या आदिवासियों को मिल पायेगा उनका अलग धर्म कोड, झारखंड का प्रस्ताव अब मोदी सरकार के पास ।

झारखंड विधानसभा ने “सरना आदिवासी धर्म कोड विल” को सर्वसम्मति से पास कर दिया है । इसमें आदिवासियों के लिये अलग धर्म कोड का प्रस्ताव है ।

क्या देश को एक करने के लिए ये ठीक है कितने धर्म बनाओगे कब तक धर्म बनाओगे अभी क्या जाति, धर्म कम है सब अपनी अपनी अलग रेखा बना रहे है सरकार उसका समर्थन करती है शायद वोट बैंक एक कारण हो सकता है । कब तक देश को बांटते रहोगे ।

हमारी सोसायटी ऐसे सभी धर्म कोड का सख्ती से विरोध करती है । जो इनका समर्थन करती है । अपना धर्म कोड अलग रखकर क्यों अलग होना चाहते है ।

ऐसे देश कभी नही बदलेगा । सरकारे बदलती रहेगी।  राजनीति बदलती रहेगी । लेकिन लोग वही के वही रहेंगे । हमारी सोसायटी इन सबका जड़ से हल खोज चुकी है । यदि सरकार ने इस पर सही कार्यवाही की तो जल्द बहुत बड़ा सकारात्मक परिणाम आयेगा ।

हम आपका ध्यान इस एक्ट के बारे में ले जाना चाहते है । जिसके बारे में कुछ ही लोग जानते है । सामान्य जनता को इसका पता ही नही है । भारत सरकार द्वारा कानूनप्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स एक्ट 1955″ में अंतरजातीय विवाह के लिये एक एक्ट आया था आज लगभग 64 साल होने को है लेकिन इस एक्ट के बारे में समाज मे जागरूकता बहुत कम है हमारी संस्था आग्रह करती है कि इस एक्ट को अपने राज्य में जागरूकता फैलाने में मदद करे । जिससे इस एक्ट का लोग अधिक से अधिक लाभ उठा पाये । सभी राज्यो में इसका अलग अलग पैमाना है । सोसायटी का सबसे बड़ा मुख्य पहलू है कि आपस में अंतरजातीय विवाह तो होना ही चाहिए, जो एक्ट कहता है लेकिन इसके अलावा अन्तरक्षेत्रीय विवाह व अंतर धर्मो में विवाह हो इस पर भी आगे बढ़कर सोसायटी कार्य कर रही है ।

हम सभी अंदर से एक है ये जाति, क्षेत्र, धर्म की जो रेखाएं हमारे बीच खींच दी जाती है । उससे बाहर आना चाहिए । हम सब आपस मे विवाह करेंगे तो ये जाति, धर्म मे अभी मतभेद दिखते है वह भविष्य में पूरी तरह समाप्त हो जायेंगे । आज हमने अपनी सोच नही बदली है तो देश को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। हम जड़ से बीमारी को खत्म करना चाहते है

आशा है हमारी विचारधारा को समझेंगे और इस पर जल्द ही कोई कार्यवाही करेंगे ।

धन्यवाद

भवदीय

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पृथ्वी मानकतला

“सचिव”

“द पीपुल्स वॉइस सोसाइटी”
“नई दिल्ली”

फोन : +91-124-416-4000

मोबाइल : +91-92055-43360

http://thepeoplesvoice.in/

taken action – https://www.bbc.com/hindi/india-54975388

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