धर्म व नाम में बदलाव क्यों…? सरकार द्वारा जातिगत आँकड़े क्यों…? कन्वर्जन का कानून क्यों…?

नमस्ते,

द पीपुल्स वॉइस सोसायटी जाति, क्षेत्र, सम्प्रदाय, धर्म से ऊपर मानवता के लिये काम कर रही है । इन्ही सब कारणों से देश छोटे छोटे हिस्सो में बट गया है । जिसका असर पूरे देश मे समय समय पर खबरों के माध्यम से देखने को मिलता रहता है । द पीपुल्स वॉइस सोसायटी का मुख्य उद्देश्य है कि अंतरजातीय विवाह, अन्तरक्षेत्रीय विवाह और अंतरधर्मो में विवाह होना चाहिये । भारत सरकार द्वारा कानून प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स 1955 में एक्ट आया था जिसमे अंतरजातीय विवाह होना चाहिए, लेकिन कितने लोग आज तक इस एक्ट को जान पाये है लेकिन संस्था का मानना है कि इस एक्ट को सभी लोग जागरूक हो और सरकार इस एक्ट को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाये । अंतरजातीय विवाह तो होना ही चाहिये साथ मे अन्तरधर्मो में भी विवाह होना चाहिये । अब हम एक अलग पहलू पर ध्यान ले जाना चाह रहे है । हम एक सेकुलर सोसायटी होने के नाते नाम व धर्म के बीच मे कोई लिंक नही होना जरूरी नही है । यदि आप पहले से किसी भी धर्म को मानते है और उसके पूजा स्थान पर जाते है और किसी भी दिन आपका मन करता है कि आप किसी दूसरे धर्म के साथ जुड़े तो आपको अपना नाम व धर्म बदलने की जरूरत नही पड़नी चाहिये । सोसायटी मानती है कि ये जो धर्म बदलने का कानून बना है  ऐसा कानून ही नही होना चाहिये । कम से कम मानव को धर्म मे तो स्वतन्त्रता होनी चाहिये । क्यो कि ये उसका स्वयं का निर्णय है इसमें कानून सरकार की कोई भूमिका ही नही होनी चाहिये । समय समय पर खबरों में आता रहता है कि उसने अपना धर्म बदल लिया है, अपना नाम बदल लिया है । इस पर बड़ा प्रश्न उठता है ? जैसे एक धर्म का युवक दूसरे धर्म की युवती से विवाह करता है तो बिना धर्म बदले आराम से वह लोग रह सकते है । जो जिस धर्म से आया है उस धर्म के रीति रिवाज को फॉलो कर सकता है। जैसे युवक मंदिर जाता है तो वह मंदिर जाता रहे, युवती गुरुद्वारे, मसिजद, चर्च या कही भी जिसको वह मानती है वह वहाँ जाती रहे और अपना नाम धर्म वही रखे । विवाह एक पवित्र बंधन है जिसमें धर्म की कोई पावंदी या बाधा नही होनी चाहिये । हम सभी को जीवन ये बहुत सरल ढ़ंग से जीने को दिया गया है हम इसको हर पल कठिन बनाते जा रहे है । इतनी सारी समस्याएं है उन पर ध्यान देना चाहिए जबकि ये समस्या जो आज जाति, धर्म की बन गयी है ये बहुत ही दुखद है ।

संस्था को बड़ा अमानवीय लगता है जब अखबार में पढ़ते हुए या न्यूज में सुनने को मिलता है कि उसने अपना धर्म बदल । उसने अपना मजहब बदल लिया । एक जागरूक देश में ये सब क्या ठीक है ? हम सबके लिए ये प्रश्न है ? अभी हम सबको इस पर सोचना पड़ेगा । सरकार भी जो आंकड़े तैयार करती है कि कौन किस जाति, धर्म से है यह भी बहुत पीड़ादायक है क्यों हम पता करें कि कोई किस जाति, धर्म से है ये सब शायद वोट बैंक की राजनीति है जिसमे हम सब फंसते जा रहे है । ये आंकड़े निकालने की जरूरत ही नही होनी चाहिये । ये आंकड़े हमें याद दिलाते रहते है कि हम किस जाति, मजहब, धर्म से सम्बन्ध रखते है । जो हमारी संस्था को लगता है कि ऐसा बिलकुल नही होना चाहिये । अंत मे हम यही मेसेज पहुंचाना चाहते है कि हम सभी को बिना जाति, धर्म सोचे विवाह करना चाहिये चाहिये और जो जिस धर्म से है उसको वही फॉलो करना चाहिए ।  किसी भी कागज में अपना नाम बदलवाना या समाज को दिखाना कि हमने धर्म बदल लिया है ये सब नही होना चाहिये । ये बिलकुल ऐसे है कि हमें लाल रंग पसन्द है किसी को हरा रंग पसन्द है किसी को नीला, पीला सब उसी के रंग है।  जिसको जो पसन्द है वह उसी रंग को पसंद करें । यदि आपस मे रंग मिला दे तो उसकी स्वयं की जो खूबी है या कहे उसका जो स्वभाव है वह नही रहेगा । हर रंग अपने आपमें अनूठा है उसको वैसे ही रहना चाहिये । समय समय पर समाज में सकारात्मक खबरे भी आई है हरियाणा के जींद में जो कि खाप पंचायत अब बिना गोत्र लगाए विवाह करेगी सिर्फ गावँ का नाम लिखेंगे । ये बड़ा बदलाव की तरफ इशारा है कि खाप पंचायत जो सिर्फ इस मामले में बदलाव लायी है अपने आपमें सकारात्मक है । दूसरा तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में रहने वाली स्नेहा ने एक लंबी लड़ाई के बाद सरकार से सर्टिफिकेट प्राप्त किया कि वह सिर्फ स्नेहा है वह न किसी जाति या धर्म से जुड़ी है न वह किसी भी जाति, धर्म को मानती है । स्नेहा ने कभी जाति, धर्म माना ही नही है न कभी किसी स्कूल कॉलेज के सर्टिफिकेट पर उनकी कोई जाति या धर्म लिखा है । हम सभी के बीच मे ऐसे भी सकारात्मक ऊर्जावान लोग है । जो राष्ट्र को इन सब कुरीतियों को दूर करने में लगे हुये है । द पीपुल्स वॉइस सोसायटी भी लगातार ऐसे सकारात्मक लोगों के साथ हर तरीके से जुड़ी हुई है और उनको सपोर्ट कर रही है । और पूरे देश को जागरूक करने में हर सम्भव कार्य कर रही है । आप हमारे इस नेक काम मे किसी भी तरीके से जुड़कर देश को एक करने में सहयोग कर सकते है ।

धन्यवाद

द पीपुल्स वॉइस सोसायटी

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