अंतरजातीय विवाह – क्या भारत की एकता के लिये जरूरी है ?

अंतरजातीय विवाह – क्या भारत की एकता के लिये जरूरी है ?

द पीपुल्स वॉइस सोसायटी आज भारत के हर राज्य तक अपने मेसेज को पहुँचाने का प्रयास कर रही है ।
यह सामाजिक संस्था जो इस क्षेत्र में लगभग 5 सालों से सकारात्मक रूप से कार्यरत है । भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, हर राज्य के मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री व इस क्षेत्र में कार्यरत लोग या अन्य इस विषय पर कार्यरत सामाजिक संस्था से बातचीत करने के लिये प्रयास किया और अन्तरजातीय विवाह हो इसके लिये बात की ।
भारत सरकार द्वारा कानून “प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स 1955″आया था, जिसको लगभग 64 साल हो चुके है लेकिन समाज मे इसकी अभी भी सही से लोगो को जानकारी नही है ।
आज हर मनुष्य के पास अपनी जाति, धर्म है जिसका वह अभिमान करता है । हम यदि इस शुरुवात में बनायी गयी जातिगत व्यवस्था को देखे तो पायेंगे कि उसके काम के अनुसार यह व्यवस्था को बनाया गया था जिससे समाज सही से चलता रहे और सबका काम आपस मे बटा रहे लेकिन आज धीरे धीरे इस जातिगत व्यवस्था ने ऐसा रूप ले लिया कि मनुष्य , मनुष्य का दुशमन हो गया । क्या सच मे जन्म मनुष्य का भाग्य तय करेगा कि वह क्या है । जन्म से सभी एक जैसे पैदा होते आ रहे है और आगे भी होंगे लेकिन समाज उसको धरती पर आते ही जातिगत व्यवस्था में रंग देता है । जब बच्चा बड़ा होता है तो वह जिस परिवार में बड़ा हुआ है वह उसी जाति का हो जाता है और उसको ये भी नही पता होता कि उसके साथ क्या हुआ । वह कब इस रंग में रंग चुका है । अब जो हुआ उसमें हम कुछ नही कर सकते है लेकिन अब जो हो सकता है उसमें हम अपनी भागीदारी जरूर बना सकते है ।
द पीपुल्स वॉइस सोसायटी ने एक दिया जला दिया है अब इस दिये से दूसरे दिये जलाने है। धीरे धीरे ये जातिगत व्यवस्था से दूर हो रहा प्रकाश दिखने। लगेगा । ये आसान नही है कि मनुष्य को उसके पुराने कई वर्षों के संस्कारो से छुटकारा दिलाना है । मनुष्य एक ऑफिस में नोकरी करता है या बिजनेस करता है उससे दूर नही हो पाता है ये तो उसके गहरे संस्कार है । आज मनुष्य की क्या स्थिति हो गयी है कि जाति के नाम पर लोगो की कितनी यातनाये दे रहा है । सबसे बड़ी बाधा विवाह पर आती है । हम दिन प्रतिदिन ऐसी खबरों को सुनते है और अखवारों में पढ़ते रहते है कि 2 अन्तरजातीय विवाह करने वालो के साथ ये परिवार, समाज उसके लिये क्या करता है उसको ऐसे दिखाता है कि मानो उन लोगो ने कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो । इस अपराधबोध में अन्तरजातीय विवाह करने वाले पूरे जीवन रहते है और उनको खतरा रहता है कि कही उनके साथ कोई गलत व्यवहार न कर दे । सकारात्मक पहलू ये है कि हरियाणा सरकार, उड़ीसा सरकार ने 2 *अन्तरजातीय विवाह करने वालो की राशि बढ़ा दी है जिसमे उनको पहले 50 हजार रुपये मिलता था अब 2,50000 रुपये मिलता है । जिससे अन्तरजातीय विवाह करने वालो की संख्या में बहुत बढोत्तरी हुयी है ।
इसी कृम में खाप पंचायत जो अन्तरजातीय विवाह के लिये बहुत बड़ी समस्या रहा है लेकिन आज खाप पंचायत भी इसके पीछे के दर्द को महसूस कर चुकी है और आज एक मुहिम चला दी है जिसमे जो भी विवाह करेगा अपने नाम के आगे टाइटल नही लगायेगा यदि किसी को टाइटल लगाना है तो अपने नाम के आगे गावँ का नाम लिख सकता है । जो कि बहुत अच्छी पहल है ।
द पीपुल्स वॉइस सोसायटी ने इन सभी को लगातार लेटर भेजे कि इस पर कार्यवाही करे और आज ये सकारात्मक परिणाम दिख रहा है ।
आज हम आपका साथ चाहते है जो भी इस मेसेज को पढ़ रहा है उसको इस समाज के सकारात्मक नेक कार्य मे देश को एक करने में हमारा सहयोग करें ।
देश तभी एक हो सकता है जब हम मनुष्य हो जाये या कहे जो हम पैदा हुये थे वही फिर से हो जाये ।
ईश्वर या जो भी लोग मानते है वह इस पूरे ब्रहांड को चला रहा है तो वह सभी को समान दृष्टि से देखता होगा । उसके लिये ये जाति, धर्म नही होंगे । वह तो सभी के लिये एक ही है । यदि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखे तो हम पायेंगे कि हमारे अंदर एक ही रूह, आत्मा, ऊर्जा है जिसकी न कोई जाति है न कोई धर्म है ।
आइये हम मनुष्य बने।

धन्यवाद
द पीपुल्स वॉइस सोसायटी

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